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उत्तम त्याग धर्म: “केवल वस्तुएं छोड़ना त्याग नहीं, मन के राग-द्वेष और मोह को मिटाना ही सच्चा त्याग” — ब्रह्मचारिणी दीदी


कटंगी में दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन हुए विविध धार्मिक अनुष्ठान, तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित

​विक्की नेताजी, कटंगी खबर केसरी - कटंगी नगर में चल रहे दशलक्षण महापर्व के आठवें दिन 'उत्तम त्याग धर्म' अत्यंत भक्तिभाव और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर इंदौर के प्रतिभा मंडल से पधारीं ब्रह्मचारिणी दीदी के पावन सान्निध्य में प्रातःकाल श्रीजी का अभिषेक, विशेष शांतिधारा एवं पूजन के धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। पूजन के उपरांत धर्मप्रेमी बंधुओं द्वारा तत्त्वार्थ सूत्र का वाचन किया गया।

​त्याग से आत्मा बनती है निर्मल: ब्रह्मचारिणी दीदी

धर्मसभा में मंगल प्रवचन देते हुए ब्रह्मचारिणी दीदी ने उत्तम त्याग धर्म का मर्म समझाया। उन्होंने कहा कि “त्याग केवल बाहरी वस्तुओं या परिग्रह को छोड़ना नहीं है, बल्कि अपने मन के राग-द्वेष, अहंकार, लोभ और मोह का त्याग करना ही सच्चा त्याग है। त्याग की निर्मल भावना आत्मा को पवित्र बनाती है और जीवन में शांति व संयम का मार्ग प्रशस्त करती है।”

​सामूहिक आरती व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

संध्या काल में सजल जैन, तनिश जैन एवं सोंटू जैन के मार्गदर्शन में भव्य सामूहिक आरती आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सहभागिता की। इसके पश्चात शुभम जैन (शुभ कलेक्शन), शुभम जैन, प्रतीक जैन एवं उनके नवयुवक साथियों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिसका समाजजनों ने भरपूर आनंद लिया।

​कार्यक्रम के अंत में सभी धार्मिक गतिविधियों और सांस्कृतिक मंच का सफल संचालन निलेश जैन 'स्नेह' द्वारा किया गया।


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