सुखदेव सिंह, खबर केसरी, मझौली:- जिले में शासकीय धान और गेहूं उपार्जन में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी और किसानों के साथ धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी राघवेंद्र सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए मझौली थाना क्षेत्र के खबरा निवासी वेयरहाउस संचालक नीतेश पटेल को चार माह के लिए जिला बदर कर दिया है।
प्रशासनिक जांच में सामने आया है कि आरोपी के खिलाफ 2024-25 के दौरान तीन गंभीर मामले दर्ज किए गए थे। बटरंगी स्थित योगमाया वेयरहाउस के भौतिक सत्यापन में 20 हजार क्विंटल धान कम पाई गई। वहीं, माँ रेवा वेयरहाउस मामले में करीब 1 करोड़ 39 लाख रुपये कीमत की 6,068 क्विंटल धान की अफरा-तफरी का आरोप है। इसके अलावा, उपार्जन में खपाने के लिए गेहूं में मिट्टी और कंकड़ मिलाने का मामला भी मझौली थाने में दर्ज है।
किसानों ने किया था हंगामा:
उपार्जन में हुई इस बड़ी अनियमितता के कारण किसानों को उनकी फसल का भुगतान समय पर नहीं मिल पा रहा था, जिसके विरोध में किसानों ने मझौली सहित आसपास के क्षेत्रों में ट्रैक्टर रैलियां निकालकर उग्र धरना-प्रदर्शन किया था।
कानून-व्यवस्था और आगामी उपार्जन सत्र को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन पर राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत यह कड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर के आदेशानुसार नीतेश पटेल को 48 घंटे के भीतर जबलपुर सहित मंडला, डिंडौरी, नरसिंहपुर, सिवनी, कटनी, दमोह और उमरिया जिलों की सीमाओं से बाहर जाने का अल्टीमेटम दिया गया है। अगले चार माह तक बिना पूर्व अनुमति के इन जिलों में उसका प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।


