Breaking

खबर केसरी

दरौलीकला में मूक-बधिर महिला की अंधी हत्या व लूट का सनसनीखेज खुलासा, महिला रिश्तेदार समेत 4 गिरफ्तार

 

पहचान उजागर होने के डर से की थी 55 वर्षीय महिला की नृशंस हत्या; जेवरात, बाइक और मोबाइल जब्त

​खबर केसरी, जबलपुर - जबलपुर के खितौला थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दरौलीकला में मूक-बधिर महिला की घर में घुसकर की गई अंधी हत्या और लूट की गुत्थी को पुलिस ने महज कुछ ही दिनों में सुलझा लिया है। चोरी की नीयत से घर में घुसे आरोपियों ने पकड़े जाने के खौफ से 55 वर्षीय निशक्त महिला के हाथ-पैर बांधकर और गला दबाकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने इस मामले में साजिश रचने वाली महिला रिश्तेदार सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उनके कब्जे से लूटे गए सोने-चांदी के जेवरात, अपराध में प्रयुक्त बाइक और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

​क्या थी पूरी घटना?

​घटना 2 अक्टूबर की दोपहर की है। दरौलीकला निवासी संजय राठौर और उसके पिता रोज की तरह मजदूरी पर गए हुए थे। घर पर उसकी 55 वर्षीय मां लक्ष्मीबाई अकेली थीं, जो बचपन से ही मूक-बधिर थीं। दोपहर करीब 1:30 बजे पड़ोसियों से सूचना मिलने पर जब संजय घर पहुंचा, तो कमरे का दृश्य देखकर स्तब्ध रह गया।

​लक्ष्मीबाई के दोनों पैर रस्सी से और हाथ कपड़े से बंधे हुए थे, जबकि मुंह में गमछा ठूंसा गया था। उनके चेहरे और कनपटी पर गंभीर चोटों के निशान थे। परिजन उन्हें तुरंत शासकीय अस्पताल सिहोरा लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घर से सोने का मंगलसूत्र, पेंडेंट और चांदी की चेन गायब थी तथा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था।

​पुलिस की त्वरित कार्रवाई और जांच

​सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक जबलपुर संपत उपाध्याय के निर्देश पर एफएसएल अधिकारी डॉ. नीता जैन और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट अखिलेश चौकसे के साथ पुलिस बल मौके पर पहुंचा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर खितौला थाने में धारा 331(7), 309(4) और 103(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।

​एसपी के निर्देश पर एएसपी (क्राइम) जितेंद्र सिंह, एएसपी अंजना तिवारी, एसडीओपी सिहोरा मोहंती मरावी तथा डीएसपी (क्राइम) उमेश तिवारी व अंजुल अयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच और थानों की संयुक्त टीमें गठित की गईं।

​तकनीकी साक्ष्य और सीसीटीवी ने खोला राज

​जांच के दौरान पुलिस को इनपुट मिला कि ग्रे रंग की टीवीएस रेडर बाइक पर सवार तीन युवक दोपहर करीब 12:30 बजे केवलारी से दरौलीकला में घुसे थे और 1:30 बजे भाटादौन की तरफ भागे थे।

​सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने कटनी जिले के ग्राम नन्हवारा (थाना कैमोर) में दबिश देकर संदेही संदीप बर्मन (पिता कमलेश), संदीप बर्मन (पिता बिहारीलाल) और सुनील बर्मन को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

​रिश्तेदार महिला ने रची थी साजिश

​पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी संदीप (पिता कमलेश) की जिठसास (पत्नी की बहन) सरिता बर्मन दरौलीकला में ही रहती है। सरिता को पता था कि लक्ष्मीबाई मूक-बधिर हैं और दोपहर में घर पर बिल्कुल अकेली रहती हैं।

​योजना के तहत 2 अक्टूबर को तीनों युवक बाइक से गांव पहुंचे और सरिता ने फोन पर बातचीत के बाद इशारे से लक्ष्मीबाई का घर चिन्हित कराया। संदीप (पिता कमलेश) बाहर बाइक लेकर निगरानी करता रहा, जबकि संदीप (पिता बिहारीलाल) और सुनील घर में घुसे। उन्होंने महिला को धक्का देकर गिराया और जेवर लूट लिए। पहचान उजागर होने के डर से उन्होंने महिला के हाथ-पैर बांधे, मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। मामले में सरिता बर्मन को भी षड्यंत्र रचने (धारा 61(2) बीएनएस) का आरोपी बनाकर गिरफ्तार कर लिया गया है।

​गिरफ्तार आरोपी:

  1. ​संदीप बर्मन (20 वर्ष), पिता कमलेश बर्मन – निवासी नन्हवाराकला, थाना कैमोर, जिला कटनी
  2. ​सुनील बर्मन (28 वर्ष), पिता दादूराम बर्मन – निवासी नन्हवाराकला, थाना कैमोर, जिला कटनी
  3. ​संदीप बर्मन (20 वर्ष), पिता बिहारी बर्मन – निवासी नन्हवाराकला, थाना कैमोर (इसके खिलाफ कैमोर और बीजाडांडी में नकबजनी, मारपीट व आर्म्स एक्ट के 6 मामले दर्ज हैं)
  4. ​सरिता बर्मन (37 वर्ष), पति मुकेश उर्फ गुड्डू बर्मन – निवासी दरौलीकला, थाना खितौला, जिला जबलपुर

​बरामद मशरूका:

  • ​छीना हुआ सोने का मंगलसूत्र और लॉकेट
  • ​चांदी की चेन
  • ​घटना में प्रयुक्त टीवीएस रेडर बाइक (MP 21 ZA 7077)
  • ​4 एंड्रॉइड मोबाइल फोन

​पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका

​इस अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी अपराध शैलेष मिश्रा, खितौला टीआई चंद्रकांत झा, एसआई आर.बी. मिश्रा, एएसआई बुद्धदेव सिंह ठाकुर, प्रधान आरक्षक जितेंद्र सिंह बागरी, महिला प्रधान आरक्षक रश्मि बाजपेई, आरक्षक सुमेर सिंह, परमजीत यादव, राजेश पटेल, राकेश मरकाम, मयंक शुक्ला, रंजना मिश्रा, साइबर सेल के एसआई कपूर सिंह, आरक्षक नीरज उपाध्याय, अनिल यादव सहित क्राइम ब्रांच और संबंधित थानों के जवानों की विशेष भूमिका रही।

Post a Comment

Previous Post Next Post