भोपाल, खबर केसरी - राजधानी भोपाल में भू-माफिया और अवैध कब्जेदारों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा के निर्देशन में गोविंदपुरा औद्योगिक क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम नरेला शंकरी में बहुमूल्य शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इस संयुक्त कार्रवाई में लगभग 15 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी जमीन को पुनः शासन के आधिपत्य में ले लिया गया है।
20 कमर्शियल दुकानें और 2 मकान ज़मींदोज़
गुरुवार को जिला प्रशासन, नगर निगम, उद्योग विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ नरेला शंकरी पहुंची। दल ने शासकीय भूमि पर अनधिकृत रूप से बनाई गई 20 व्यावसायिक दुकानों और 2 आवासीय निर्माणों को बुलडोजर की मदद से ध्वस्त कर दिया।
10 हजार वर्गफीट से अधिक भूमि कराई मुक्त
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई के जरिए लगभग 1,000 वर्गमीटर (10,760 वर्गफीट) बहुमूल्य शहरी व्यावसायिक भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है। शासकीय गाइडलाइन दर के अनुसार इस भूमि का न्यूनतम मूल्य लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये है, जबकि वर्तमान बाजार मूल्य (Market Value) लगभग 15 करोड़ रुपये आंका गया है।
भारी पुलिस बल की तैनाती में हुई कार्रवाई
कार्रवाई के दौरान क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। बेदखली की यह पूरी प्रक्रिया निम्नलिखित अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुई
- एसडीएम (गोविंदपुरा): श्री आशुतोष शर्मा
- तहसीलदार (गोविंदपुरा): श्री सौरभ वर्मा
- नगर निगम अतिक्रमण शाखा प्रभारी: श्री शैलेंद्र भदौरिया
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय संपत्तियों पर अवैध कब्जे की किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाइयां जारी रहेंगी।
