कटनी (खबर केसरी) - जिले में खरीफ फसलों के सीजन के दौरान किसानों को खाद की किल्लत न हो, इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। कलेक्टर आशीष तिवारी की सतत निगरानी और वरिष्ठ अधिकारियों से समन्वय के चलते जिले को मांग के अनुसार नीम कोटेड यूरिया की 3 रैक मिल गई हैं। झुकेही रैक पाइंट पर खाद की खेप पहुंचते ही 1230 मीट्रिक टन यूरिया उतारने और विभिन्न केंद्रों में वितरण का काम शुरू कर दिया गया है।
केंद्रवार आवंटन सूची:
जिला विपणन अधिकारी आनंद नारायण पाण्डेय के अनुसार, खाद का वितरण सभी प्रमुख केंद्रों पर पारदर्शी तरीके से किया जा रहा है:
- डबल लॉक केंद्र: बहोरीबंद, स्लीमनाबाद और बरही डबल लॉक केंद्रों को 150-150 मीट्रिक टन, जबकि मझगवां बड़वारा केंद्र को 90 मीट्रिक टन यूरिया भेजा गया है।
- सहकारी बैंक व एग्रो: जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक कटनी को 270 मीट्रिक टन तथा एमपी एग्रो कटनी को 180 मीट्रिक टन यूरिया आवंटित किया गया है।
- सोसायटी व विपणन केंद्र: सीएमएस कटनी, उमरियापान-ढीमरखेड़ा, रीठी, बड़वारा, प्रियदर्शनी विपणन विजयराघवगढ़, बाकल, स्लीमनाबाद और ढीमरखेड़ा को 30-30 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराई गई है।
कालाबाजारी पर लगाम: केवल ई-टोकन से मिलेगी खाद
कलेक्टर ने उपसंचालक कृषि को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में किसी भी हाल में बिना ई-टोकन के खाद का वितरण नहीं होगा। सॉफ्टवेयर द्वारा किसान के खसरा नंबर और बोई गई फसल के रकबे के आधार पर खाद की मात्रा तय की जाएगी, जिससे बिचौलियों और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगेगी।
किसान भाई घर बैठे पोर्टल पर केंद्रों का लाइव स्टॉक देख सकते हैं। ई-टोकन प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (पैक्स), डबल लॉक केंद्रों, निजी विक्रेताओं, एमपी ऑनलाइन या सीएससी केंद्रों से प्राप्त किए जा सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे मिट्टी की सेहत को ध्यान में रखते हुए केवल अनुशंसित मात्रा में ही संतुलित उर्वरकों का इस्तेमाल करें।
