गणेश उत्सव में जल प्रदूषण रोकने के लिए छात्राओं ने सीखी इको-फ्रेंडली प्रतिमाएं बनाने की कला। विधायक ने कहा- छोटी पहल बनेगी बड़ी मुहिम
- जबलपुर के शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्कूल में आयोजित हुई कार्यशाला।
- विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने विद्यार्थियों से की मिट्टी के गणेश स्थापित कराने की अपील।
- नर्मदा समग्र न्यास ने छात्राओं को दिया इको-फ्रेंडली गणेश बनाने का प्रशिक्षण।
- नर्मदा स्वच्छता और पॉलिथीन का उपयोग न करने की दिलाई गई शपथ।
विशेष संवाददाता जबलपुर:
गणेश उत्सव के पावन पर्व से पहले प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण के लिए जबलपुर में एक अनूठी पहल की गई है। शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई (एमएलबी) कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में "आओ बनाएं अपने हाथों से अपने श्री गणेश" नाम से एक दिवसीय जागरूकता व प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया।
जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाना जरूरी: डॉ. अभिलाष पांडे
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर मध्य विधायक डॉ. अभिलाष पांडे ने दीप प्रज्वलन के साथ कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने छात्राओं की रचनात्मकता की तारीफ करते हुए कहा कि मिट्टी की प्रतिमाओं का उपयोग कर हम अपनी नदियों और जलस्रोतों को दूषित होने से बचा सकते हैं। विद्यार्थियों की यह छोटी सी कोशिश पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी मुहिम साबित होगी।
छात्राओं को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
कार्यशाला में नर्मदा समग्र न्यास की स्वराली मराठे और सुरभि रानडे ने छात्राओं को मिट्टी से सुंदर और आकर्षक गणेश प्रतिमाएं बनाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इस दौरान लोक शिक्षण जबलपुर संभाग के संयुक्त संचालक घनश्याम सोनी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
कार्यक्रम के समापन पर विधायक डॉ. पांडे ने सभी को मां नर्मदा को स्वच्छ रखने, पॉलिथीन का त्याग करने और पौधारोपण कर पेड़ों की सुरक्षा करने का संकल्प दिलाया।


