कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर खाद्य विभाग की बड़ी स्ट्राइक।
सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई की शिकायतों पर हुई औचक जांच।
5 राशन दुकानें सस्पेंड, पास की संस्थाओं से की गईं अटैच।
आरोपियों पर BNS 2023 और आवश्यक वस्तु अधिनियम (3/7) के तहत केस दर्ज।
विशेष संवाददाता, सागर:
मध्य प्रदेश के सागर जिले में गरीबों के राशन में हेराफेरी करने वाले सिंडिकेट पर प्रशासन ने सख्त प्रहार किया है। खाद्य विभाग की जांच में गांधीचौक, रामपुरा, शास्त्री वार्ड और शिवाजीनगर की उचित मूल्य दुकानों में लाखों रुपये का सरकारी अनाज गायब मिला।
जांच अधिकारी चारू जैन और अभिषेक मोर की रिपोर्ट के अनुसार, विक्रेता कागजों में तो राशन बांट रहे थे, लेकिन मौके पर गोदाम खाली मिले। कई दुकानों में एक ही परिवार के लोगों द्वारा बड़े पैमाने पर हेराफेरी सामने आई है, जिसमें अकेले अतुल तिवारी और उनसे जुड़े लोगों पर लाखों के गबन के आरोप हैं।
प्रशासन का कड़ा संदेश
कलेक्टर के निर्देश पर सभी 5 दुकानों को सस्पेंड कर नजदीकी केंद्रों से जोड़ दिया गया है ताकि जनता को राशन मिलने में परेशानी न हो। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और अब प्रशासन गबन किए गए अनाज की पाई-पाई वसूलने की तैयारी में है।
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