सड़क पर फैल रहा मछलियों का गंदा पानी, मंदिर आने-जाने वालों को भी परेशानी; मुख्यमंत्री के खुले में मांस-मछली बिक्री पर प्रतिबंध के निर्देश के बावजूद व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
पवन कश्यप लांजी, खबर केसरी - नगर परिषद लांजी के अंतर्गत आने वाले सुभाष चौक में खुले में मछली बिक्री को लेकर नगरवासियों में नाराजगी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार चौक पर सुबह से ही मछली विक्रेताओं द्वारा दुकानें लगा दी जाती हैं। मछली की बिक्री के दौरान निकलने वाला पानी और अपशिष्ट सड़क किनारे फैलने से आसपास के क्षेत्र में दुर्गंध का वातावरण बन जाता है। इससे राहगीरों, दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नगरवासियों का कहना है कि सुभाष चौक शहर के व्यस्त क्षेत्रों में शामिल है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आवागमन करते हैं। आसपास मंदिर और अन्य दुकानें भी हैं। ऐसे में खुले में मछली की बिक्री तथा उससे निकलने वाले अपशिष्ट की उचित व्यवस्था नहीं होने से लोगों को असुविधा हो रही है।
सुबह से सड़क पर फैल जाता है गंदा पानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक मछलियों की सफाई और बिक्री के दौरान निकलने वाला पानी कई बार सड़क पर ही बहता दिखाई देता है। इससे सड़क पर गंदगी और दुर्गंध की स्थिति बन जाती है। लोगों का आरोप है कि कई बार मछली का अवशेष भी आसपास पड़ा रह जाता है, जिसके कारण मक्खियां मंडराती रहती हैं।
नगरवासियों का कहना है कि यदि मछली बिक्री के लिए निर्धारित स्थान और अपशिष्ट के निपटारे की उचित व्यवस्था हो तो इस समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है।
मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी
सुभाष चौक के आसपास से मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी इस स्थिति से परेशानी होने की बात सामने आई है। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल की ओर जाने वाले मार्ग पर दुर्गंध और गंदगी का वातावरण बना रहना चिंता का विषय है। नगरवासियों ने नगर परिषद से नियमित सफाई के साथ-साथ मछली बिक्री के लिए व्यवस्थित स्थान निर्धारित करने की मांग की है।
खुले में मांस-मछली बिक्री पर रोक के निर्देश का हवाला
मध्य प्रदेश सरकार की ओर से दिसंबर 2023 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता वाली नगरीय विकास एवं आवास विभाग की समीक्षा बैठक के संबंध में जारी आधिकारिक जानकारी में कहा गया था कि राज्य में मांस और मछली के खुले में बिकने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उसी जानकारी में यह भी कहा गया था कि विक्रेताओं को व्यवस्थित करने तथा नगरीय निकायों के माध्यम से मांस-मछली मार्केट के निर्माण में सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसी सरकारी निर्देश के संदर्भ में अब लांजी के सुभाष चौक में खुले में मछली बिक्री को लेकर नगर परिषद की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि स्थानीय स्तर पर वर्तमान स्थिति में नगर परिषद द्वारा क्या कार्रवाई की गई है, इसका आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
स्वच्छता अभियान के बीच व्यवस्था पर सवाल
नगरवासियों का कहना है कि एक ओर शहर में स्वच्छता को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक स्थान पर मछली बिक्री के बाद निकलने वाले अपशिष्ट और गंदे पानी की समस्या बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते सफाई और नियमन की व्यवस्था नहीं की गई तो यह समस्या और बढ़ सकती है।लोगों का यह भी कहना है कि खुले में पड़े मछली अवशेषों पर मक्खियां जमा होती हैं और आसपास की दुकानों तक पहुंचती हैं। ऐसे में खाद्य सामग्री बेचने वाली दुकानों के आसपास स्वच्छता बनाए रखना जरूरी है। हालांकि संक्रमण फैलने की आशंका को लेकर किसी चिकित्सकीय या प्रशासनिक पुष्टि के बिना इसे निश्चित स्वास्थ्य जोखिम के रूप में नहीं कहा जा सकता।
व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की मांग
मछली विक्रेताओं के लिए भी नगर में उचित एवं निर्धारित स्थान उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है, ताकि उनका कारोबार प्रभावित हुए बिना सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी और दुर्गंध की समस्या को नियंत्रित किया जा सके। नगरवासियों का कहना है कि निर्धारित बाजार में साफ-सफाई, पानी की निकासी और अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था होने से विक्रेताओं और आम लोगों दोनों को सुविधा मिल सकती है।
नगर परिषद से कार्रवाई और स्थायी समाधान की उम्मीद
नगरवासियों ने नगर परिषद लांजी से मांग की है कि सुभाष चौक का निरीक्षण कर खुले में मछली बिक्री की स्थिति की जांच की जाए, सड़क पर फैल रहे गंदे पानी और मछली अपशिष्ट की समस्या का समाधान कराया जाए तथा शासन के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाए।अब देखना यह है कि नगर परिषद सुभाष चौक की इस समस्या को लेकर क्या कदम उठाती है और मछली विक्रेताओं के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की दिशा में कब तक कार्रवाई होती है।
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