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दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता लाने जबलपुर में एनसीसीएफ ने शुरू किया व्यापक जागरूकता अभियान, कलेक्टर ने किया पोस्टर-बैनर का विमोचन

 


मध्य प्रदेश के 8 प्रमुख जिलों में शामिल हुआ जबलपुर, तूअर, उड़द और मसूर की 100% खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करने की 4 साल की गारंटी

​जबलपुर, खबर केसरी - देश को दालों के उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित 'दलहन आत्मनिर्भरता मिशन' को जमीन पर उतारने के लिए जबलपुर में बड़े पैमाने पर गतिविधियां शुरू हो गई हैं। इस राष्ट्रीय मिशन में मध्य प्रदेश को केंद्र बिंदु के रूप में शामिल किया गया है।

​ मुख्य आकर्षण 

  • ​मध्य प्रदेश के 8 जिले चयनित: जबलपुर, दमोह, कटनी, सागर, उज्जैन, खंडवा, नर्मदापुरम और रायसेन में विशेष क्लस्टर आउटरीच अभियान।
  • ​100% खरीद की गारंटी: पंजीकृत किसानों को अगले 4 वर्षों तक तूअर (अरहर), उड़द और मसूर की शत-प्रतिशत उपज पर MSP सुरक्षा मिलेगी।

  • ​केंद्रीय नोडल एजेंसी: नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (NCCF) द्वारा पारदर्शी खरीद प्रक्रिया का संचालन।
  • ​जबलपुर में प्रशासनिक हरी झंडी: कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह ने आधिकारिक पोस्टर व बैनर का अनावरण कर अभियान का शुभारंभ किया।

​कलेक्टर और कृषि अधिकारियों के साथ विशेष बैठक

​अभियान के तहत एनसीसीएफ (NCCF) इंदौर शाखा द्वारा जबलपुर जिले में 'डोर-टू-डोर' और क्लस्टर-स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में एनसीसीएफ इंदौर की शाखा प्रबंधक श्रीमती गायत्री रेडिया ने जबलपुर कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह से प्रशासनिक भेंट की और विभागीय रूपरेखा प्रस्तुत की। कलेक्टर ने मिशन के पोस्टर व बैनर का अनावरण करते हुए जिले में किसानों के शत-प्रतिशत पंजीयन हेतु निर्देशित किया।

​इसके पश्चात, कृषि विभाग के उपसंचालक श्री यू.के. कटहरे एवं मंडी सचिव श्री समीर कुमार दास के साथ विशेष रणनीतिक बैठक आयोजित की गई। इसके तुरंत बाद जबलपुर मंडी परिसर से किसान जागरूकता और पंजीयन रथ गतिविधियों की शुरुआत की गई।

​क्या है दलहन आत्मनिर्भरता मिशन?

​मध्य प्रदेश में तूअर (अरहर), चना, मसूर एवं उड़द की उच्च उत्पादकता को देखते हुए राज्य के आठ जिलों में क्लस्टर-आधारित मॉडल लागू किया गया है।

  1. ​फसल केंद्रित रणनीति: मुख्य रूप से तूअर, उड़द और मसूर की खेती पर विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

  1. ​बाजार और मूल्य सुरक्षा: एनसीसीएफ (NCCF) जैसी केंद्रीय एजेंसियों के माध्यम से पंजीकृत किसानों की उपज की शत-प्रतिशत खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सुनिश्चित की जाएगी, जिससे किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा मिले।

  1. ​पंजीयन प्रक्रिया: किसानों को योजना का लाभ उठाने के लिए एनसीसीएफ/नेफेड के आधिकारिक पोर्टल पर समयबद्ध पंजीयन कराना अनिवार्य होगा।

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