नई दिल्ली:
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) के 'पाठ्यचर्या अध्ययन एवं विकास विभाग' (DCSD) द्वारा नोडल स्कूल प्राचार्यों के लिए आयोजित तीन दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह विशेष प्रशिक्षण राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और स्कूली शिक्षा के लिए राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE) 2023 के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नवोदय विद्यालय समिति (NVS) और विभिन्न राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 53 स्कूल लीडर्स ने हिस्सा लिया।
प्रमुख बिंदु:
- उद्घाटन सत्र में आह्वान: एनसीईआरटी निदेशक प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी ने प्राचार्यों से आग्रह किया कि वे एनईपी 2020 और एनसीएफ-एसई 2023 को पूरे समर्पण, निष्ठा और स्पष्ट उद्देश्य के साथ लागू करने की जिम्मेदारी लें, ताकि स्कूलों में वास्तविक और सकारात्मक बदलाव दिख सके।
- विशेषज्ञ मार्गदर्शन: तीन दिनों तक चले विभिन्न सत्रों का संचालन प्रो. रंजना अरोड़ा, प्रो. अमरेंद्र बेहरा, प्रो. अनुपम आहूजा, प्रो. अंजुम सिबिया, डॉ. विजय दत्ता, प्रो. विनय के. सिंह, प्रो. के. विजयन और प्रो. आर. आर. कोईरेंग द्वारा किया गया। पूरे कार्यक्रम का समन्वय एवं सत्र संचालन डॉ. सुखविंदर ने किया।
- एक्शन प्लान पर जोर: इस गहन कार्यशाला का समापन स्कूल-स्तरीय ठोस कार्ययोजनाओं (Action Plans) के निर्माण के साथ हुआ, जिससे नीतिगत विजन को कक्षाओं और स्कूलों में सीधे उतारा जा सके।
- पड़ोसी स्कूलों को भी दें सहयोग: समापन सत्र में संयुक्त निदेशक प्रो. पी. सी. अग्रवाल ने प्राचार्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे इन सिफारिशों को न केवल अपने स्कूलों में बेहतर तरीके से लागू करें, बल्कि आसपास के अन्य स्कूलों का भी मार्गदर्शन करें।
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