संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के मंच पर एक बार फिर भारत और पाकिस्तान के बीच तीखी कूटनीतिक तकरार देखने को मिली है, जहां पाकिस्तान ने सिंधु जल संधि और कश्मीर का मुद्दा उठाया, वहीं भारत ने सीमा पार आतंकवाद पर इस्लामाबाद को कड़ा आईना दिखाया।
यूएन में शहबाज शरीफ की बयानबाजी
खबर केसरी डेस्क :-
- सिंधु जल पर 'जंग' की धमकी: पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अपने संबोधन में कहा कि सिंधु नदी प्रणाली पाकिस्तान की जीवनरेखा है। उन्होंने भारत द्वारा Indus Waters Treaty को स्थगित (abeyance) रखने के कदम को गैर-कानूनी बताते हुए चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, मोड़ने या बाधित करने का प्रयास हुआ, तो उसे "युद्ध की कार्रवाई" (Act of War) माना जाएगा।
- कश्मीर का पुराना राग: शरीफ ने मंच से एक बार फिर कश्मीर मुद्दे को उछालते हुए इसे देश की "शह-रग" (jugular vein) बताया और अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप की मांग दोहराई।
- विवाद और मध्यस्थता: अपने भाषण में उन्होंने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "समय पर की गई मध्यस्थता" का जिक्र किया और क्षेत्र में शांति बहाली की बात कही।
भारत का 'राइट टू रिप्लाई': कड़ा पलटवार
- "कठपुतली हुकूमत" पर तंज: भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अपने 'राइट टू रिप्लाई' (Right of Reply) का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के दावों की धज्जियां उड़ा दीं। भारतीय स्थायी मिशन की प्रथम सचिव Petal Gahlot ने कहा कि जो हुकूमत अपनी ही राजधानी को अपनी जनता के खिलाफ सुरक्षित करने में जुटी है और जिसकी सत्ता सेना द्वारा संचालित है, उसे मानवाधिकार और लोकतंत्र पर उपदेश देने का कोई नैतिक हक नहीं है।
- आतंकवाद के परिणाम भुगतने होंगे: भारतीय पक्ष ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट किया कि इस्लामाबाद प्रायोजित सीमा पार आतंकवाद को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आतंकवाद का समर्थन करने पर पाकिस्तान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
- पानी और आतंकवाद साथ नहीं चल सकते: भारत ने पहले ही साफ कर दिया है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को अपनी राजकीय नीति के रूप में इस्तेमाल करना बंद नहीं करता, तब तक किसी भी संधि या सहयोग की उम्मीद नहीं की जा सकती। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अटूट अंग है और रहेगा।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर का रुख
- संयुक्त राष्ट्र में मौजूदगी के दौरान विदेश मंत्री Dr. S. Jaishankar ने भी आतंकवाद और पाकिस्तान के एजेंडे को लेकर पूछे गए सवालों पर स्पष्ट संकेत दिया कि भारत वैश्विक मंचों पर राष्ट्रविरोधी दुष्प्रचार और आतंकियों को पनाह देने वाली नीतियों का पर्दाफाश करना जारी रखेगा।
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