Breaking

खबर केसरी

बेलखाडू के निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 19 वर्षीय युवक की मौत, परिजनों ने लगाया गलत इलाज का आरोप

 


स्वास्थ्य विभाग की जांच में रजिस्ट्रेशन व डॉक्टर की डिग्री के नही मिले दस्तावेज, एक्सपायर्ड दवाएं-ड्रिप और एबॉर्शन किट बरामद, पुलिस-राजस्व-स्वास्थ्य विभाग की मौजूदगी में अस्पताल सील

बेलखाडू खबर केसरी - कटंगी थाना क्षेत्र के बेलखाडू चौकी अंतर्गत माल बाबा मंदिर के सामने संचालित अश्विनी हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 19 वर्षीय युवक की मौत का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने अस्पताल में उपचार के दौरान लापरवाही और गलत इलाज किए जाने का आरोप लगाते हुए मामले की जांच की मांग की है। घटना के बाद पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल पहुंचकर जांच शुरू की। जांच के दौरान अस्पताल में कई अनियमितताएं मिलने की बात सामने आई है।


जानकारी के अनुसार ग्राम झगरा निवासी शेखर चौधरी (19), पिता जगदीश चौधरी की तबीयत खराब होने पर परिजन उसे उपचार के लिए अश्विनी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार उपचार के दौरान युवक की हालत बिगड़ गई और उसकी मौत हो गई। युवक की मौत के बाद परिजनों ने उपचार में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।

मामले की सूचना मिलते ही कटंगी थाना प्रभारी गोपेंद्र सिंह राजपूत एवं बेलखाडू चौकी प्रभारी अमित मिश्रा पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी के अनुसार युवक को तबीयत खराब होने पर परिजन उपचार के लिए अस्पताल लेकर आए थे, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हुई। परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों को ध्यान में रखते हुए पूरे मामले की जांच की जा रही है।


स्वास्थ्य विभाग की जांच में कई अनियमितताएं आई सामने

युवक की मौत की जानकारी मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम भी अश्विनी हॉस्पिटल पहुंची और अस्पताल की संचालन एवं उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जांच की। जांच के दौरान अस्पताल संचालक सरिता साहू से अस्पताल के पंजीयन एवं चिकित्सकीय दस्तावेज मांगे गए, लेकिन टीम के समक्ष अस्पताल का रजिस्ट्रेशन तथा डॉक्टर की डिग्री से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

जांच के दौरान अस्पताल में बड़ी संख्या में एक्सपायर्ड दवाएं और ड्रिप मिलने की जानकारी सामने आई। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मृतक युवक को भी एक्सपायरी डेट वाली ड्रिप लगाए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है। हालांकि युवक की मौत का वास्तविक कारण क्या था, यह जांच और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

अस्पताल में मिली एबॉर्शन किट साथ ही गैर कानूनी दवाइयों का जखीरा

स्वास्थ्य विभाग की टीम को जांच के दौरान अस्पताल से एबॉर्शन किट भी मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा जांच में यह भी सामने आया कि अस्पताल में संचालक सरिता साहू का छोटा भाई सतीश साहू भी रहता था और उपचार करने की बात सामने आई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल के संचालन एवं वहां उपलब्ध चिकित्सा सामग्री को लेकर भी जांच की।

दो कमरों में संचालित हो रहा था अस्पताल

जांच टीम के अनुसार अस्पताल का संचालन महज दो कमरों में किया जा रहा था। स्वास्थ्य विभाग ने प्रारंभिक जांच में अस्पताल को नियमों के विपरीत संचालित पाए जाने की बात कही है। अस्पताल में मिली दवाओं, ड्रिप, चिकित्सकीय सामग्री और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।


पुलिस-राजस्व-स्वास्थ्य विभाग की मौजूदगी में अस्पताल सील

अस्पताल में सामने आई अनियमितताओं के बाद पुलिस विभाग, राजस्व विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त मौजूदगी में अश्विनी हॉस्पिटल को सील कर दिया गया। फिलहाल 19 वर्षीय शेखर चौधरी की मौत के कारणों के साथ-साथ अस्पताल के संचालन, चिकित्सकीय दस्तावेजों, दवाओं एवं उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही युवक की मौत के वास्तविक कारण और जिम्मेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post