खबर केसरी, जबलपुर - कठौंदा क्षेत्र में स्थायी फटाका लाइसेंस धारकों के लाइसेंस निरस्त किए जाने के साथ-साथ प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 28 फटाका दुकानों को सील कर दिया। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के निर्देश पर मौका स्थल पर पहुंचीं प्रशासनिक टीम द्वारा की गई इस कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया. कार्यवाही एसडीएम अधारताल मदन सिंह रघुवंशी के साथ तहसीलदार, नगर निगम की टीम और पुलिस बल द्वारा की गई ।
निरस्तीकरण के बाद हुई कार्यवाही
स्थायी फटाका व्यवसायियों ने लाइसेन्स रिनयु के लिए कलेक्टर ऑफिस में आवेदन किया था. जिसमे प्रशासन ने फटाका व्यापार के लिए आवश्यक औपचारिक अनुमति मांगी तो किसी दुकानदार ने नहीं दिखाई..जिसके बाद सभी आवेदकों को तय शर्तों को पूरा करने के बाद ही दुकान खोलने का फरमान जारी करके लाइसेन्स निरशत कर दिए. जैसे ही उक्त कार्यवाई का आदेशित काग़ज़ एसडीएम अधारताल के ऑफिस पहुंचा वैसे ही दल बल के साथ प्रशासनिक दल ने चिन्हित दूकानों में ताला जड़ दिया.हालांकि, लाइसेंस निरस्त करने के कारणों, संबंधित आदेश की तारीख और दुकानदारों को पूर्व में दिए गए नोटिस के संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।
छोटे दुकानदारों में भय व्याप्त
एक साथ इतनी बडी कार्यवाही कि खबर अन्य दुकानदारों में आग की तरह फैल गई..वही छोटे दुकानदारों जिन्होने दिपावली के पहले भारी भरकम राशि फटाका खरीदने में लगा दी लेकिन प्रशासनिक कार्यवाहि के चलते उनके अंदर भय समा गया.. वही मोका पर भारी गहमागहमी का महौल बना रहा..
इनका कहना है - 28 दुकानदारों के लाइसेन्स आवेदन निरस्त कर दिये गये हैं! समस्त तय शर्तों को पूरा करने के लिए 15 दिन का समय सभी को दिया गया है. इसके अलावा 4 लाख लिटर पानी की व्यवस्था मौका स्थल पर होना जरूरी है - राघवेन्द्र सिंह, कलेक्टर, जबलपुर
