ढोल-नगाड़ों की गूंज और पुष्पवर्षा के बीच हुआ मुकुट पूजन, भगवान विष्णु के अवतार की लीला ने दर्शकों को किया भावविभोर
खबर केसरी, नुनसर महेंद्र दुबे - शारदेय नवरात्र के पावन पर्व पर सार्वजनिक दुर्गा उत्सव समिति नुनसर के तत्वावधान में श्री गुरु रामलीला मंडल नुनसर द्वारा भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन किया जा रहा है। ग्राम नुनसर में पिछले 40 वर्षों से लगातार रामलीला का आयोजन किया जा रहा है,
जिसमें ग्रामवासियों का विशेष सहयोग मिलता है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 10 अक्टूबर को ढोल-नगाड़ों की गूंज, पुष्पवर्षा और भक्तिमय वातावरण के बीच भगवान श्रीराम के मुकुट का विधि-विधान से पूजन किया गया। इसके साथ ही रामलीला मंचन की शुरुआत हुई रामलीला के दौरान भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव से पूर्व की लीला का भावपूर्ण मंचन किया गया।
कथा के अनुसार, जब धरती पर राक्षसों के अत्याचार बढ़ने लगे और पृथ्वी माता उनके भार से व्यथित होकर इंद्र, ब्रह्मा और भगवान शंकर की शरण में पहुंचीं, तब सभी देवताओं ने भगवान विष्णु से पृथ्वी को संकट से मुक्त करने की प्रार्थना की। इस पर भगवान विष्णु ने पृथ्वी माता को आश्वस्त करते हुए कहा कि जब-जब धरती पर दानवी शक्तियां अत्याचार करेंगी, तब-तब वे धर्म की स्थापना और भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेंगे।
उन्होंने राजा दशरथ के घर भगवान श्रीराम के रूप में जन्म लेकर पृथ्वी के संताप दूर करने का संकल्प लिया इस प्रसंग के मंचन के दौरान देवताओं द्वारा पुष्पवर्षा कर भगवान विष्णु के गुणगान करने का दृश्य प्रस्तुत किया गया।
कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुति ने दर्शकों के मन में भक्ति और उत्साह का संचार किया। पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
