जबलपुर, खबर केसरी - जिले के नगरीय निकायों (जबलपुर, सिहोरा, पनागर और अन्य नगर परिषद) में चल रहे विकास कार्यों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। बुधवार को कलेक्टर श्री राघवेंद्र सिंह ने सभी अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की और साफ कर दिया कि निर्माण कार्यों में देरी और खराब क्वालिटी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में हुई इस बैठक में शहर के कई अहम मुद्दों पर बड़े फैसले लिए गए हैं।
जिनमें -
- पीएम आवास के बकायेदारों पर गिरेगी गाज: ऐसे लोग जिन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाने के लिए सरकार से पैसे (किस्त) तो ले लिए हैं, लेकिन अब तक निर्माण शुरू नहीं किया है, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे हितग्राहियों से आरआरसी (RRC) जारी कर पैसे की रिकवरी की जाएगी।
- रात में बिछेगी पाइपलाइन, नहीं लगेगा जाम: ट्रैफिक जाम से बचाने के लिए अब मुख्य सड़कों पर पाइपलाइन बिछाने का काम जरूरत के हिसाब से रात में किया जाएगा। खुदाई के बाद सड़क को तुरंत पहले जैसा (रेस्टोरेशन) करने के भी सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- तालाबों से कोई छेड़छाड़ नहीं: जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार पर बात करते हुए कलेक्टर ने हिदायत दी है कि तालाबों के मूल स्वरूप को सुरक्षित रखते हुए ही उनके विकास का काम किया जाए।
- पट्टा वितरण और किराया वसूली में आएगी तेजी: धारणाधिकार योजना के तहत शहरी क्षेत्रों में पट्टा बांटने की प्रक्रिया अब तेज होगी। स्वीकृत सूचियों को जल्द ही आरसीएमएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। इसके अलावा, नगरीय निकायों की दुकानों का किराया न देने वाले बड़े बकायेदारों को नोटिस भेजकर राजस्व वसूली की जाएगी।
- अमृत 2.0 और साफ-सफाई: शहरी क्षेत्रों में अमृत 2.0 के प्रोजेक्ट्स, पार्कों के रखरखाव और साफ-सफाई पर विशेष फोकस रहेगा। कचरे की सही प्रोसेसिंग के लिए वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट और डंपिंग साइट्स की लगातार चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।

