खबर केसरी, जबलपुर: - पटवारी अधिकार अभिलेख में निष्पादक की भूमिका और प्रक्रिया के दौरान पटवारियों के निजी डेटा के अनिवार्य उपयोग के विरोध में राजस्व अमला लामबंद हो गया है। मध्य प्रदेश पटवारी संघ की जिला कार्यकारी अध्यक्ष मुक्ता चौकसे के नेतृत्व में जबलपुर में जोरदार प्रदर्शन कर शासन की नीतियों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गईं।
पटवारी संघ का कहना है कि अभिलेख व रजिस्ट्री प्रक्रिया में पटवारियों की निजी पहचान, फोटो, मोबाइल नंबर और ओटीपी का उपयोग कराया जा रहा है, जो नियमसंगत नहीं है। पटवारी एक शासकीय पद है, और दस्तावेज में केवल वास्तविक रजिस्ट्रीकर्ता का विवरण होना चाहिए। संघ ने आरोप लगाया कि शासन योजनाओं की आड़ में मैदानी कर्मचारियों की पहचान का दुरुपयोग कर रहा है।
विरोध के बीच प्रशासन द्वारा देवास में 4 और जबलपुर में करीब 10 पटवारियों को निलंबित व सेवामुक्त किए जाने से आक्रोश और बढ़ गया है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निलंबन वापस नहीं लिया गया और दमनकारी नीतियां बंद नहीं हुईं, तो प्रदेश भर के 27,000 पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे, जिससे प्रदेश का संपूर्ण राजस्व कामकाज ठप हो जाएगा।


