पनागर, जबलपुर खबर केसरी : - पनागर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत इमलाई में सरपंच और सचिव के कार्यकाल के दौरान कराए गए विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार का सनसनीखेज मामला सामने आया है. पंचायत के पंचगण एवं ग्रामवासियों ने इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (जनपद पंचायत, पनागर) को एक शिकायती आवेदन पत्र सौंपकर उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की मांग की है.
क्या हैं मुख्य आरोप?
शिकायत पत्र के अनुसार, सरपंच और सचिव ने अपने लगभग 4 साल के कार्यकाल में विभिन्न शासकीय मदों का दुरुपयोग किया है. आरोप है कि कई विकास कार्य या तो कागजों पर ही पूरे दिखा दिए गए हैं या फिर गुणवत्ताहीन और अधूरे हैं, जिससे सरकारी राशि का गबन हुआ है.
शिकायत में जिन प्रमुख कार्यों की उच्च स्तरीय और पारदर्शी जांच की मांग की गई है, उनका विवरण इस प्रकार है:
- बर्मन हार की रोड: दिनांक 10.02.2024 को 15वां वित्त (मनरेगा) के तहत लागत 6 लाख 96 हजार रुपये.
- परसोत्तम मोहल्ला (वार्ड नं. 15, 16, 17): वर्ष 2024-25 में पंचायत (मनरेगा) के तहत लागत 3 लाख 81 हजार रुपये.
- वार्ड नं. 1 नाली निर्माण: वर्ष 2025 में मनरेगा पंचायत के तहत लागत 2 लाख 27 हजार रुपये.
- खेरमाई रोड पार्ट नं. 1 सी.सी. निर्माण: वर्ष 2025 में चंडी माई से अनिल के घर तक, लागत 2 लाख 50 हजार रुपये.
- खेरमाई से संजय भैया के घर तक (पार्ट नं. 2): सी.सी. रोड, लागत 8 लाख रुपये (जनपद सदस्य के कोटा से).
- संजय भैया के घर से शांतिधाम: लागत 8 लाख रुपये (जनपद सदस्य के कोटा से).
- नारायण चौधरी के घर से सब्जी वाले के घर तक: लागत 5 लाख 98 हजार रुपये (पंचायत).
- बोली विश्वकर्मा के घर साइड नाली: लागत 1 लाख 39 हजार रुपये (पंचायत).
- पंचायत भवन में शौचालय: लागत 1 लाख 11 हजार रुपये (पंचायत मनरेगा).
7 दिनों का अल्टीमेटम, उग्र आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों और पंचगणों ने मांग की है कि इन सभी विकास कार्यों की पूरी पारदर्शिता के साथ निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि शासकीय राशि का सही उपयोग हुआ है या गबन किया गया है.
आवेदन के माध्यम से चेतावनी दी गई है कि यदि 7 दिवस के भीतर मामले की जांच कर दोषियों पर नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई, तो समस्त पंचगण और ग्रामवासी प्रशासन के खिलाफ वृहद आंदोलन एवं आमरण अनशन करने के लिए विवश होंगे, जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी
