जबलपुर (खबर केसरी)। ‘न्याय सबके लिए’ की भावना को धरातल पर उतारते हुए शनिवार को जबलपुर जिले में नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णमूर्ति मिश्र के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में कुल 10,264 प्रकरणों का आपसी समझौते से निराकरण कर 65 करोड़ 67 लाख 64 हजार 222 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
यह आयोजन जिला न्यायालय जबलपुर सहित सिहोरा व पाटन तहसील न्यायालयों, कुटुम्ब न्यायालय और श्रम न्यायालय में किया गया। मुकदमों की सुनवाई और सुलह-समझौते के लिए कुल 77 खंडपीठों का गठन हुआ था। इनमें कोर्ट में लंबित 3,480 मामले और 6,784 प्रीलिटिगेशन प्रकरण निपटाए गए।
मामलों के निराकरण का ब्यौरा:
- मोटर दुर्घटना दावा: 1,173 दावों का निपटारा कर सर्वाधिक 43 करोड़ 69 लाख 39 हजार 519 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
- चेक बाउंस (138 NI Act): 316 मामलों में 6 करोड़ 54 लाख 38 हजार 736 रुपये की समझौता राशि तय हुई।
- अन्य लंबित मामले: आपराधिक शमनीय के 494, वैवाहिक विवाद के 98, सिविल के 44 और अन्य प्रकृति के 61 मामलों में सुलह कराई गई।
- बिजली व ट्रैफिक मामले: बिजली से जुड़े 160 मामलों में 28 लाख 39 हजार 19 रुपये की वसूली हुई, वहीं ट्रैफिक चालान के 767 प्रकरणों से 1 लाख 98 हजार 800 रुपये जमा कराए गए।
- बैंक रिकवरी: 296 प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निपटारा किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों को बिना समय और अतिरिक्त खर्च गंवाए त्वरित, सुलभ व निःशुल्क न्याय उपलब्ध कराना रहा, जिसमें दोनों पक्षों की रजामंदी से वर्षों पुराने विवाद खत्म हुए।
