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भोपाल में 153 SRG सदस्यों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शुरू, NCF-2023 और नई पाठ्यपुस्तकों पर जोर


कक्षाओं के अवलोकन और छात्रों के अनुभवों से जुड़ेगा शिक्षण: राज्य स्तरीय एसआरजी (SRG) उन्मुखीकरण प्रारंभ

​विशेष संवाददाता, खबर केसरी भोपाल -  राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF) 2023 और नई NCERT पाठ्यपुस्तकों के अनुरूप कक्षा 6 से 8 तक की शिक्षण प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कमर कस ली गई है। इसी कड़ी में सोमवार से भोपाल स्थित आइकफ आश्रम में राज्य स्रोत समूह (SRG) का चार दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हो गया है।

​इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान विषयों के 153 एसआरजी सदस्य भाग ले रहे हैं। राज्य शिक्षा केंद्र के पाठ्यक्रम कक्ष के विषय विशेषज्ञों के साथ सहयोगी संस्था 'पीपल' (Peepul) द्वारा इस कार्यक्रम में अकादमिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है।

​NEP 2020 और NCF 2023 के विजन पर आधारित

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को 21वीं सदी की चुनौतियों और अवसरों के लिए तैयार करना है। इसी को साकार करने के लिए NCF 2023 के माध्यम से शिक्षा के स्तर और विषयों में बदलाव किए गए हैं। कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों की मूलभूत दक्षताओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी के तहत विकसित कक्षा 7 की नई NCERT पाठ्यपुस्तकों की संरचना और शिक्षण दृष्टिकोण में बदलाव किए गए हैं। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य इन्हीं बदलावों को समझने में एसआरजी सदस्यों की क्षमता को मजबूत करना है।

पहले दिन इन विषयों पर हुआ फोकस

प्रशिक्षण के प्रथम दिन की शुरुआत परिचयात्मक गतिविधियों के साथ हुई। इसके बाद:

  • ​राष्ट्रीय पाठ्यचर्या और नई पाठ्यपुस्तकों की विशेषताओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
  • ​गणित में 'भिन्न' (Fractions), विज्ञान में 'विद्युत परिपथ' और सामाजिक विज्ञान में 'मौसम' जैसे विषयों को अनुभवात्मक शिक्षण (गतिविधियों) के माध्यम से समझाने पर जोर दिया गया।
  • ​कक्षाओं के सीधे अवलोकन से शिक्षण प्रक्रिया को वास्तविक परिस्थितियों से जोड़ने पर भी कार्य किया गया।

​आने वाले दिनों में AI और आनंदमय शिक्षण पर होगी बात

प्रशिक्षण के अंतिम सत्र में 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)' को शिक्षण सहायक के रूप में उपयोग करने पर खास चर्चा हुई। आगामी 3 दिनों में आनंदमय शिक्षण, मानसिक स्वास्थ्य, नैतिकता एवं मूल्य, कौशल बोध, दीक्षा (DIKSHA) एवं आईगॉट (iGOT) पोर्टल और पाठ योजना निर्माण जैसे अहम विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।

​76 हजार शिक्षकों तक पहुंचेगा नई शिक्षा का विजन

राज्य शिक्षा केंद्र के अनुसार, इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण के बाद प्रदेश के 10 संभागों में 1,932 मास्टर ट्रेनर्स (MTs) को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद, ये मास्टर ट्रेनर्स प्रदेश भर के लगभग 76 हजार शिक्षकों तक नई शिक्षण दृष्टि और पाठ्यपुस्तकों की समझ पहुंचाएंगे।

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