विशेष संवाददाता, सागर मध्य प्रदेश के सागर जिले अंतर्गत आने वाले बंडा क्षेत्र में अवैध व ज़हरीली शराब के सेवन से हुई दुखद घटना को लेकर राज्य सरकार ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने घटना को अत्यंत संवेदनशील और पीड़ादायक बताते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।
प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई और गिरफ्तारियां
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। प्रकरण में कुल 30 आरोपियों के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 49-क के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है, जिनमें से 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके साथ ही, कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ निलंबन (Suspension) की कार्रवाई की गई है।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
उप मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि घटना की निष्पक्ष और विस्तृत जांच के लिए मजिस्ट्रियल जांच (Magistrial Inquiry) के आदेश जारी कर दिए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर भी हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।
मृतकों के आश्रितों को 4-4 लाख की आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से विचार-विमर्श के बाद राज्य सरकार ने घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के आश्रित परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि स्वीकृत की है।
उप मुख्यमंत्री ने अस्पताल पहुंचकर जाना हाल-चाल
उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) पहुंचकर उपचाराधीन मरीजों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने बीएमसी प्रबंधन एवं जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए कि मरीजों के नि:शुल्क और सर्वोत्कृष्ट इलाज में किसी भी तरह की लापरवाही या कोताही न बरती जाए।
अस्पताल दौरे के दौरान सागर सांसद श्रीमती लता वानखेड़े, सागर विधायक शैलेंद्र जैन, नरयावली विधायक प्रदीप लारिया, बंडा विधायक वीरेन्द्र सिंह, कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल, पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया सहित कई जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और डॉक्टर्स उपस्थित रहे।
