5,136 स्वीकृत आवासों में से 4,656 अब भी अधूरे, पुराने टेंडर दरों पर काम करने से ठेकेदारों का इनकार
जबलपुर, खबर केसरी - मजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों को आशियाना मुहैया कराने के उद्देश्य से शुरू की गई प्रधानमंत्री आवास योजना शहर में कछुआ चाल का शिकार हो गई है। निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतें, ठेकेदारों की मनमानी और पुराने टेंडर दरों पर काम करने से इनकार के चलते पांच में से तीन आवासीय प्रोजेक्ट अधर में लटक गए हैं, जबकि दो में बेहद धीमी गति से काम चल रहा है।
हालत यह है कि शहर में कुल 5,136 आवास स्वीकृत किए गए थे, लेकिन सात साल बीत जाने के बाद भी नगर निगम मात्र 480 मकान ही तैयार कर सका है। शेष 4,656 आवास आज भी निर्माणाधीन हैं।
केवल मोहनिया और तेवर में चल रहा काम
योजना के तहत शहर की सीमा में मोहनिया, तिलहरी, परसवाड़ा (फेज ए व बी), तेवर और कुदवारी में एमआईजी, एलआईजी और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के आवास स्वीकृत हुए थे। वर्तमान स्थिति यह है:
- मोहनिया व तेवर: सिर्फ इन्हीं दो प्रोजेक्ट्स में धीमा निर्माण कार्य जारी है।
- कुदवारी: ठेकेदार ने 816 मकानों का ढांचा खड़ा कर काम बीच में ही अधूरा छोड़ दिया।
- तिलहरी व परसवाड़ा: इन दोनों प्रमुख प्रोजेक्ट्स में अब तक धरातल पर काम ही शुरू नहीं हो पाया।
अफसरों के अनुसार, वर्ष 2017-18 के टेंडर रेट वर्तमान लागत से काफी कम हैं, जिसके चलते ठेकेदार काम आगे बढ़ाने से पीछे हट रहे हैं। लगभग 350 करोड़ रुपये की इस पूरी परियोजना में अब तक सिर्फ 286 मकान ही बिक पाए हैं।
एमआईसी के फैसले के बाद भी विभाग को नहीं मिले मिनिट्स
अधूरे प्रोजेक्ट्स को पूरा करने के लिए नगर निगम की मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) ने 3 जुलाई 2026 को प्रस्ताव पास किया था कि निर्माण 'जो जहां है, जैसा है' के आधार पर पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड पर कराया जाएगा। शुरुआत तिलहरी के 288 आवासों से होनी है, जिसके टेंडर से निगम को 18 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। इस राशि को बाकी अटके प्रोजेक्ट्स में लगाया जाएगा। विडंबना यह है कि लंबा समय बीत जाने के बाद भी इसके मिनिट्स पीएम आवास विभाग तक नहीं पहुंचे हैं।
परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति (13 सितंबर 2026 तक):
- मोहनिया: कुल लक्ष्य 1008 | बनकर तैयार 240 | बिके आवास 119
- तेवर: कुल लक्ष्य 864 | बनकर तैयार 48 | बिके आवास 39
- कुदवारी: कुल लक्ष्य 816 | बनकर तैयार 192 | बिके आवास 128
- तिलहरी: कुल लक्ष्य 816 | बनकर तैयार 0 | बिके आवास 0
- परसवाड़ा (फेज-ए): कुल लक्ष्य 864 | बनकर तैयार 0 | बिके आवास 0
- परसवाड़ा (फेज-बी): कुल लक्ष्य 768 | बनकर तैयार 0 | बिके आवास 0
योजना का कुल रिपोर्ट कार्ड
- कुल स्वीकृत: 5,136
- तैयार आवास: 480
- निर्माणाधीन/अधूरे: 4,656
- कुल बिके: 286
इनका कहना है -
"पुराने टेंडर दरों पर ठेकेदारों के काम न करने से कुछ प्रोजेक्ट्स प्रभावित हुए हैं। अब 'जो जहां है, जैसा है' की नीति के तहत तिलहरी से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इससे मिलने वाली राशि अन्य परियोजनाओं में लगाई जाएगी। एमआईसी से प्रस्ताव पास हो चुका है, मिनिट्स मिलते ही काम धरातल पर शुरू होगा।"— सुनील दुबे, योजना प्रभारी, नगर निगम जबलपुर,
