क्या था पूरा मामला?
विदिशा स्थित वन स्टॉप सेंटर में पीड़ित महिला सरोज (परिवर्तित नाम) अपने पति सूरज (परिवर्तित नाम) तथा एक अन्य महिला रश्मि (परिवर्तित नाम) से जुड़े पारिवारिक विवाद की शिकायत लेकर पहुंची थी। केंद्र द्वारा महिला को सहज और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराते हुए पूरे प्रकरण को समझा गया और काउंसलिंग की प्रक्रिया प्रारंभ की गई।
परिस्थितियों के कारण बढ़ा पारिवारिक तनाव
काउंसलिंग के दौरान सरोज ने बताया कि वह पिछले 15 वर्षों से अपने पति के साथ रह रही है। कुछ समय से अस्वस्थ रहने के कारण वह बेटी की देखभाल और उसकी पढ़ाई से जुड़ी जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं संभाल पा रही थी। नौकरी के साथ घर और बच्चे की जिम्मेदारी बढ़ने पर पति सूरज का संपर्क रश्मि से हुआ। धीरे-धीरे यह स्थिति पारिवारिक तनाव का कारण बन गई। मानसिक रूप से परेशान होकर सरोज समाधान की उम्मीद में वन स्टॉप सेंटर पहुंची।
तीनों पक्षों से संवाद और सकारात्मक समाधान
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए टीम ने सूरज और रश्मि को भी काउंसलिंग के लिए बुलाया। तीनों पक्षों को धैर्यपूर्वक सुनने के बाद उन्हें पारिवारिक जिम्मेदारियों और वैवाहिक संबंधों की गरिमा बनाए रखने की समझाइश दी गई। लगातार काउंसलिंग के बाद:
- रश्मि ने सूरज से भविष्य में किसी भी प्रकार का संपर्क न रखने और दबाव न बनाने की सहमति दी।
- सूरज ने भी रश्मि का संपर्क नंबर डिलीट कर भविष्य में कोई संबंध न रखने का भरोसा अपनी पत्नी सरोज को दिलाया।
संवाद और संवेदनशीलता ने बचाया परिवार
वन स्टॉप सेंटर से मिले सहयोग और मार्गदर्शन के बाद सरोज और सूरज ने आपसी विश्वास के साथ अपने दांपत्य जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प लिया है। समय पर सही हस्तक्षेप और धैर्यपूर्ण काउंसलिंग ने इस बिखरते परिवार को पुनः एकजुट कर खुशियां लौटा दी हैं।
