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भ्रष्टाचार पर कलेक्टर का 'बुलडोजर' एक्शन: कोर्ट से सजा मिलते ही राजस्व निरीक्षक मनीराम गौड़ की सेवाएं समाप्त

 

दमोह, खबर केसरी - भ्रष्टाचार के खिलाफ मध्य प्रदेश सरकार की 'ज़ीरो टॉलरेंस' नीति के तहत दमोह जिला प्रशासन ने बड़ी और नजीर पेश करने वाली कार्रवाई की है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने रिश्वतखोरी के मामले में अदालत से दोषी ठहराए गए तत्कालीन राजस्व निरीक्षक (RI) मनीराम गौड़ को शासकीय सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त (सेवाएं समाप्त) कर दिया है।

​अदालत से सजा मिलते ही गिरा प्रशासनिक चाबुक

विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) दमोह की अदालत ने राजस्व निरीक्षक मनीराम गौड़ को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के गंभीर आरोपों में दोषी करार दिया था। अदालत ने उन्हें 4 वर्ष के कठोर कारावास और ₹2,000 के अर्थदंड (जुर्माने) की सजा सुनाई थी।

​न्यायालय का फैसला आते ही जिला प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। कलेक्टर ने न्यायिक आदेश के परिप्रेक्ष्य में कड़ा रुख अपनाते हुए दागी राजस्व निरीक्षक को सेवा से बाहर का रास्ता दिखा दिया।

​रिश्वतखोरों और भ्रष्टाचारियों को स्पष्ट संदेश

कलेक्टर प्रताप नारायण यादव की इस कड़क कार्रवाई से राजस्व विभाग समेत जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जनता के काम अटकाने और भ्रष्टाचार में लिप्त रहने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।


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