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बिना परमिशन जिंक बेचना पड़ा भारी, नुनसर के 'शौर्य कृषि केंद्र' का लाइसेंस सस्पेंड

 मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कृषि विभाग का बड़ा एक्शन, 5 साल से चल रहा था खेल



जबलपुर/पाटन:

किसानों के हितों की अनदेखी और नियमों को ताक पर रखने वालों पर प्रशासन अब सख्त मोड में आ गया है। 'मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान' के तहत जबलपुर जिले के पाटन विकासखंड (ग्राम नुनसर) में एक बड़ी कार्रवाई हुई है। यहाँ कृषि विभाग के अधिकारियों ने 'शौर्य कृषि केंद्र' का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई गंभीर गड़बड़ियां मिलने पर केंद्र का उर्वरक (खाद) लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

​निरीक्षण में सामने आईं ये 3 बड़ी अनियमितताएं:

​छापेमारी के दौरान जांच दल को मौके पर कई चौंकाने वाली खामियां मिलीं:

​जिंक का अवैध व्यापार: बिना "ओ" (O) फॉर्म के दुकान से जिंक धड़ल्ले से बेचा जा रहा था।

​5 साल से व्यापार बंद: चौंकाने वाली बात यह रही कि पिछले पांच सालों से इस केंद्र पर उर्वरक का कोई व्यापार ही नहीं हो रहा था।

​रिकॉर्ड मेंटेन नहीं: दुकान में ना तो स्टॉक बुक मेंटेन की गई थी और ना ही बिल बुक निर्धारित प्रोफार्मा में थी।

​इन अधिकारियों की टीम ने मारा छापा

​इस पूरी कार्रवाई को कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम ने अंजाम दिया, जिसमें मुख्य रूप से ये शामिल थे:

​उमेश कुमार कटहरे (उप संचालक कृषि)

​डॉ. इंदिरा त्रिपाठी (परियोजना संचालक, आत्मा)

​पंकज श्रीवास्तव (उर्वरक निरीक्षक, पाटन)

​सीमा राउत (प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी)

​ऑन द स्पॉट हुआ एक्शन

​इन भारी अनियमिताओं को देखते हुए उप संचालक कृषि उमेश कुमार कटहरे ने मौके पर ही कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने पाटन के उर्वरक निरीक्षक को साफ निर्देश दिए कि 'शौर्य कृषि केंद्र' का उर्वरक लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया जाए। इस कार्रवाई से इलाके के बाकी खाद-बीज व्यापारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।



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