(इंदौर / खबर केसरी डेस्क): मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आगामी बहुचर्चित कार्यक्रम “छात्रों की गूंज” को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। कार्यक्रम की भव्य तैयारियों और सफल प्रबंधन को लेकर पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस उच्चस्तरीय बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, संगठन की सक्रिय भूमिका और युवा भागीदारी को लेकर बारीकी से रणनीति बनाई।
शिक्षा और रोजगार पर सीधा संवाद
कांग्रेस नेताओं के अनुसार, 'छात्रों की गूंज' केवल एक राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश और देश के युवाओं व विद्यार्थियों की वास्तविक समस्याओं को राष्ट्रीय पटल पर लाने का सशक्त मंच बनेगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य:
- छात्रों के मुद्दे: शिक्षा व्यवस्था, महंगी फीस और परीक्षा प्रणाली की विसंगतियों पर खुलकर चर्चा।
- रोजगार का सवाल: युवाओं के लिए रोजगार के घटते अवसर और भविष्य की संभावनाओं पर सीधा संवाद।
- मजबूत आवाज़: युवाओं की जमीनी दिक्कतों को समझकर उसे संसद और सड़क तक उठाना।
जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज
बैठक के बाद संगठन ने जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। इंदौर संभाग सहित आसपास के जिलों से अधिक से अधिक विद्यार्थियों और युवाओं को जोड़ने के लिए कांग्रेस कमेटियां सक्रिय हो गई हैं। नेताओं का कहना है कि यह आयोजन मध्यप्रदेश के छात्र आंदोलन और युवाओं की राजनीति में एक नया मोड़ साबित होगा।

