जबलपुर के भेड़ाघाट में अद्भुत नजारा: मां चमत्कार दुर्गा उत्सव समिति ने रचा इतिहास; 64 योगिनी, नवदुर्गा और विदेशों में पूजे जाने वाले माता के स्वरूपों को देखने दूर-दूर से पहुंच रहे श्रद्धालु
जबलपुर, भेड़ाघाट, रमेश रजक :- विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल भेड़ाघाट इन दिनों सिर्फ अपने संगमरमरी वादियों के लिए ही नहीं, बल्कि आस्था के एक महाकुंभ के लिए भी चर्चा का केंद्र बना हुआ है। भेड़ाघाट के पंचवटी घाट पर 'मां चमत्कार दुर्गा उत्सव समिति' ने इस साल कुछ ऐसा कर दिखाया है, जिसे देखकर हर कोई नतमस्तक है। यहां एक ही पंडाल के नीचे मां दुर्गा की 1, 2 या 10 नहीं, बल्कि पूरी 208 प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। एक साथ माता के 208 स्वरूपों के दर्शन कर श्रद्धालु खुद को धन्य मान रहे हैं।
पाकिस्तान की हिंगलाज माता से लेकर वैष्णो देवी तक के दर्शन
इस भव्य पंडाल की खासियत सिर्फ मूर्तियों की संख्या नहीं है, बल्कि उनकी विविधता भी है। पंडाल के अंदर जम्मू की मां वैष्णो देवी के साथ-साथ पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ 'हिंगलाज भवानी' की अद्भुत प्रतिकृति भी बनाई गई है। इतना ही नहीं, विदेशों में मां दुर्गा को जिन स्वरूपों में पूजा जाता है, उन्हें भी यहां प्रदर्शित किया गया है। इसके अलावा माता की 64 योगिनी, महाकाली और नवदुर्गा के नौ स्वरूपों के दर्शन एक ही छत के नीचे हो रहे हैं।
एक ही कलाकार की साल भर की तपस्या
यह जानकर आपको और भी हैरानी होगी कि इन सभी 208 प्रतिमाओं को किसी बड़ी टीम ने नहीं, बल्कि एक ही मूर्तिकार ने अपनी साल भर की कड़ी मेहनत और तपस्या से गढ़ा है। देश के अलग-अलग प्रसिद्ध मंदिरों में विराजमान माता की मूर्तियों की हूबहू कलाकृतियां तैयार कर इस कलाकार ने अपनी कला और भक्ति का अद्भुत परिचय दिया है।
51 से 208 प्रतिमाओं का सफर
मां चमत्कार दुर्गा उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इसके पहले समिति द्वारा 51 प्रतिमाएं स्थापित की गई थीं। लेकिन इस बार सभी सदस्यों और भक्तों के विशेष सहयोग से 208 मूर्तियां विराजित करने का संकल्प लिया गया, जो अब साकार हुआ है। समिति का कहना है कि आयोजन के समापन के बाद इन सभी 208 प्रतिमाओं का विसर्जन भी पूरी विधि-विधान के साथ एक ही कुंड में किया जाएगा।
दूर-दूर से खिंचे चले आ रहे श्रद्धालु
भेड़ाघाट वैसे भी देश-विदेश के पर्यटकों की पहली पसंद रहता है, लेकिन इस बार नवरात्रि में इस भव्य दुर्गा पंडाल ने पर्यटकों और श्रद्धालुओं के उत्साह को दोगुना कर दिया है। जबलपुर ही नहीं, बल्कि आस-पास के कई जिलों से लोग इस पंडाल को देखने पहुंच रहे हैं।
दर्शनार्थियों का कहना है कि उनकी माता रानी पर गहरी आस्था है, लेकिन जिंदगी में एक साथ माता के इतने स्वरूपों के दर्शन उन्होंने पहले कभी नहीं किए। एक ही जगह पर 208 देवियों के दर्शन करना उनके लिए किसी अलौकिक और अद्भुत अनुभव से कम नहीं है।

