खबर केसरी, प्रशांत मिश्रा जबलपुर :- विद्युत विभाग में कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के नियमितीकरण सहित विभिन्न लंबित मांगों को लेकर विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। संगठन आगामी 7 और 8 नवंबर 2026 को दो दिवसीय प्रांतीय हड़ताल पर रहेगा।
यह निर्णय 9 अक्टूबर को सहकारिता भवन स्थित मुख्यालय में आयोजित विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन की प्रांतीय बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष के. डी. द्विवेदी (शहडोल) ने की।
प्रमुख मांगें:
- नियमितीकरण: विभाग में कई वर्षों से कार्यरत संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को अविलंब नियमित किया जाए।
- महंगाई भत्ता: 2 प्रतिशत महंगाई राहत (DR) एवं महंगाई भत्ता (DA) के आदेश तत्काल जारी हों।
- राष्ट्रीय पर्वों का अतिरिक्त वेतन: बीते 8-10 वर्षों से राष्ट्रीय त्योहारों पर ड्यूटी कराने के एवज में देय अतिरिक्त वेतन का भुगतान किया जाए।
- दीपावली भुगतान: दीपावली पर्व से जुड़े भुगतानों को समय पर निपटाया जाए (जिसके संबंध में पहले भी ज्ञापन दिया जा चुका है)।
यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से इन कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। संगठन द्वारा प्रशासन को समय रहते हड़ताल का विधिवत नोटिस भी सौंपा जा चुका है।
इस प्रांतीय बैठक में कार्यवाहक अध्यक्ष ओ. पी. सोनी (नरसिंहपुर), जहमत लाल (पन्ना), पावर मैनेजमेंट कर्मचारी जनता यूनियन अध्यक्ष रवि सक्सेना, संजय एडवर्ड, दिनेश चौधरी, जबलपुर जिला अध्यक्ष लल्लू पटेल, सचिव एस. के. तिवारी (उमरिया), एमपी विद्युत ट्रांसमिशन कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय अध्यक्ष मोहन अग्रवाल, पावर जेनरेशन कर्मचारी जनता यूनियन से प्यासी जी, राजेंद्र सोंधिया एवं लालजी सोनी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
हड़ताल के संयोजक मनोज भार्गव एवं मध्य क्षेत्र विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के अध्यक्ष नरेंद्र भदोरिया के नेतृत्व में यूनियन पूरी ताकत से मैदान में उतरेगी। मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने भी इस हड़ताल को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की है।
