- सीएम का सख्त निर्देश पर देर रात तक डटा है अमला, 'मेरी संपत्ति, मेरा हक' कानूनी दस्तावेज (रजिस्ट्री) मिलने से ग्रामीणों को बैंक लोन जैसी सुविधाओं का लाभ लेने में होगी आसानी।
खबर केसरी, जबलपुर:- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को उनकी जमीन और घर का असली हक दिलाने के लिए जबलपुर जिले में 'स्वामित्व योजना' के तहत एक विशेष और व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में आबादी की भूमि पर बरसों से रह रहे परिवारों को उनकी संपत्ति के वैध और कानूनी दस्तावेज (प्रॉपर्टी कार्ड/रजिस्ट्री) निःशुल्क उपलब्ध कराना है।
रात में भी काम कर रहा राजस्व विभाग
ग्रामीण इलाकों में अक्सर लोग दिन के समय खेती-किसानी या मजदूरी के काम से बाहर रहते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए राजस्व विभाग का मैदानी अमला (पटवारी, आरआई और अन्य अधिकारी) पूरी तत्परता दिखा रहा है। गांवों में देर रात तक विशेष शिविर (कैंप) लगाए जा रहे हैं, ताकि हर एक ग्रामीण को इस योजना का लाभ मिल सके और कोई भी अपने हक से वंचित न रहे। इन शिविरों में ग्रामीणों को मौके पर ही निःशुल्क रजिस्ट्री सौंपी जा रही है।
'मेरी संपत्ति, मेरा हक' के तहत मिल रही बड़ी राहत
स्वामित्व योजना के तहत मिल रहे इन दस्तावेजों ने ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी ला दी है। अब तक गांवों में आबादी की जमीन पर बने मकानों का कोई पुख्ता सरकारी रिकॉर्ड ग्रामीणों के पास नहीं होता था, जिससे कई बार आपसी विवाद की स्थिति बनती थी। अब निःशुल्क रजिस्ट्री और मालिकाना हक मिलने से संपत्ति से जुड़े विवाद खत्म होंगे।
आर्थिक रूप से भी मजबूत होंगे ग्रामीण
कानूनी दस्तावेज हाथ में आने के बाद ग्रामीण अब अपनी संपत्ति के आधार पर बैंकों से लोन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उन्हें स्वरोजगार या अन्य आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार और जनसंपर्क विभाग (#JansamparkMP) द्वारा इस योजना को #SVAMITVA और #Meri_Sampatti_Mera_Haq के नारों के साथ जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है, ताकि जबलपुर जिले का हर पात्र परिवार इसका पूरा लाभ उठा सके।


