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कलेक्टर आशीष तिवारी के निर्देश पर चूना पत्थर खदानों में खनिज विभाग का छापा: कम उत्पादन और राजस्व हानि पर एक्शन, माइनिंग प्लान के पालन की सख्त हिदायत

 


​कटनी (खबर केसरी): - कटनी जिले में खनिज संसाधनों के उचित दोहन और शासकीय राजस्व में इजाफा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्टर आशीष तिवारी के स्पष्ट निर्देशों के बाद खनिज विभाग के अमले ने चूना पत्थर (लाइमस्टोन) खदानों का औचक निरीक्षण कर बड़े पैमाने पर भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है।

​विभाग की टीम ने ग्राम पूंछी, बिसरा, सलैया और कैमूर क्षेत्र में संचालित रंजन ग्रोवर, सुमित ग्रोवर, कर्मचंद एसोसिएट्स एवं एन.एम. दुबास सहित लगभग आधा दर्जन प्रमुख खदानों का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया। इस दौरान खदानों में उत्पादन, खनिज प्रेषण (डिस्पैच), रॉयल्टी भुगतान और पर्यावरणीय मानकों की बारीकी से जांच की गई।

​समीक्षा बैठक के बाद हरकत में आया प्रशासन

हाल ही में आयोजित खनिज विभाग की समीक्षा बैठक में कलेक्टर आशीष तिवारी ने पाया था कि कई खदानें अपनी स्वीकृत क्षमता की तुलना में बेहद कम उत्पादन और प्रेषण दिखा रही हैं। इससे सरकारी खजाने को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है। कलेक्टर ने दो-टूक निर्देश दिए थे कि अधिकारी दफ्तरों से बाहर निकलें और खदानों की जमीनी हकीकत परखें, ताकि उत्पादन घटाने के असली कारणों का पता लगाकर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जा सके।

​बारिश से खदानों में जलभराव, माइनिंग प्लान के तहत काम करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई खदानों में मानसूनी बारिश के कारण भारी जलभराव मिला। खनिज विभाग की टीम ने मौके पर खदान संचालकों से कम उत्पादन के कारणों पर पूछताछ की और वास्तविक संचालन स्थिति का मिलान रेकॉर्ड से किया।

​अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि स्वीकृत माइनिंग प्लान के अनुरूप निर्धारित क्षमता से उत्पादन और प्रेषण तेज किया जाए। साथ ही रॉयल्टी का भुगतान निर्धारित समय-सीमा के भीतर करने और शासन के राजस्व हितों से कोई समझौता न करने की कड़ी हिदायत दी गई।


​पर्यावरण संरक्षण पर जोर: विकसित होगा सघन हरित क्षेत्र

कलेक्टर के निर्देशों के तहत खनन क्षेत्रों में पर्यावरण संतुलन पर भी फोकस किया जा रहा है। मानसून के मौसम का लाभ उठाते हुए खदान परिसरों और आसपास के क्षेत्रों में सघन पौधारोपण कर ग्रीन बेल्ट विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। टीम ने पूर्व में पट्टेदारों द्वारा किए गए पौधारोपण का भी सत्यापन किया, जो प्रारंभिक तौर पर संतोषजनक पाया गया।

​कम राजस्व वाली खदानों पर पूरे जिले में चलेगा अभियान

खनिज विभाग ने साफ कर दिया है कि यह जांच केवल कैमूर या चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगी। जिले की अन्य तहसीलों में चल रही कम राजस्व देने वाली सभी खदानों का लगातार आकस्मिक भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इस कार्रवाई का मुख्य मकसद खनन में पारदर्शिता लाना, रॉयल्टी चोरी रोकना और नियमों का कड़ाई से पालन कराना है।

​इस निरीक्षण अभियान में उपसंचालक खनिज रत्नेश दीक्षित, सहायक खनिज अधिकारी कमलकांत परस्ते समेत खनिज विभाग का फील्ड अमला मौजूद रहा।

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