कटंगी के घटेरा में बवाल: रास्ता मांगने पर आदिवासी युवक को पीटा, राजनीतिक दबाव में पुलिस? सहमे परिवार ने लगाई SP से गुहार
प्रशांत मिश्रा खबर केसरी जबलपुर - जिले के थाना कटंगी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम घटेरा में दबंगई का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक आदिवासी वाहन चालक पर मामूली सी बात को लेकर जानलेवा हमला किया गया। मामले में आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में FIR तो दर्ज हो गई है, लेकिन पीड़ित परिवार अब राजनीतिक दबाव और समझौते की धमकियों के साए में जीने को मजबूर है। इंसाफ और सुरक्षा की आस में पीड़ित ने अब सीधे जबलपुर SP का दरवाजा खटखटाया है।
रास्ता मांगने पर बरसाई लाठियां और दी जातिसूचक गालियां
पीड़ित बहादुर गोंड ने बताया कि 25 सितंबर को सिर्फ रास्ता मांगने जैसी छोटी सी बात पर विवाद शुरू हुआ था। इसके बाद आरोपी संदीप यादव अपने दो भाइयों (मधुसूदन यादव और उपेन्द्र यादव) के साथ उसके घर आ धमका। आरोप है कि तीनों ने पहले जातिसूचक गालियां दीं और जब बहादुर ने इसका विरोध किया, तो संदीप यादव ने लकड़ी के डंडे से और उसके भाइयों ने लात-घूंसों से बेतहाशा मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में बहादुर को गंभीर अंदरूनी चोटें (मूंदी चोटें) आई हैं।
पत्नी और पड़ोसियों ने बचाई जान
हमले के दौरान जब पीड़ित की पत्नी रमा बाई, और स्थानीय निवासी रोहित यादव व गोकुल गौड़ ने बीच-बचाव किया, तब जाकर आरोपियों ने उसे छोड़ा। जाते-जाते आरोपी यह धमकी भी दे गए कि अगर पुलिस में शिकायत की, तो जान से मार देंगे।
इन धाराओं में दर्ज हुई FIR
घटना के बाद पीड़ित की शिकायत पर कटंगी थाने में एक्शन लिया गया। पुलिस ने FIR क्र. 0584/2026 (दिनांक 25.09.2026) के तहत आरोपियों पर धारा 3(1)(घ), 3(1)(ध), 3(2)(va) SC/ST एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 296(a), 3(5), 351(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजनीतिक दबाव में पुलिस, मुझ पर समझौते का दबाव
FIR दर्ज होने के बावजूद पीड़ित परिवार खौफ में है। बहादुर गोंड का सीधा आरोप है कि संदीप यादव और उसके भाइयों की राजनीतिक पहुंच है, जिसके दबाव में स्थानीय थाना पुलिस कोई ठोस कार्रवाई (गिरफ्तारी आदि) नहीं कर रही है। उल्टा, उन पर राजीनामा (समझौता) करने का दबाव बनाया जा रहा है।
SP से लगाई न्याय की गुहार
पुलिस की ढिलाई और आरोपियों के खौफ से परेशान होकर पीड़ित ने आज जबलपुर पुलिस अधीक्षक (SP) को एक लिखित आवेदन सौंपा है। इसमें किसी वरिष्ठ अधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, मेडिकल (MLC) रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने, गवाहों के बयान जल्द दर्ज करने और उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग की गई है।
अब देखना यह है कि SP के हस्तक्षेप के बाद कटंगी पुलिस इस मामले में क्या एक्शन लेती है, या फिर राजनीतिक रसूख के आगे कानून के हाथ बंधे रह जाते हैं!
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